योगी राज में भी यहां पुलिस कर रहे हैं सरेआम मनमानी

नोएडा। यहां सड़कों पर रेहड़ी पटरी पर समान बेचने वाले अपनी दुकानों को बंद कर सड़कों पर उतर कर जोरदार प्रदर्शन किया। उनका कहना कि छोटी-छोटी दुकान खोलकर अपनी रोजी-रोटी जुटाने वाले, उन लोगो का अतिक्रमण के नाम प्राधिकरण और पुलिस वाले उसका उत्पीड़न कर रहे हैं।

उनका कहना है कि नोएडा में नगर निगम नहीं होने की वजह से नोएडा प्राधिकरण कोई वेंडर लाईसेंस जारी नहीं करता है। जिसका हरजाना हमें भरना पड़ता है और अतिक्रमण के नाम पर हमारे दुकानों को उजड़ा दिया जाता है। उनकी मांग थी की समस्‍त सड़को पर रेहड़ी पटरी पर समान बेचने न सिर्फ लाईसेंस दिया जाए अपितु एक स्‍कीम के तहत सबको हर सेक्‍टर में कियोस्‍क आसान शर्तौ पर आबंटित कर उनकी रोजी-रोटी को सुरक्षित किया जाए।

पुलिस और प्राधिकरण के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे ये लोग स्ट्रीट वेंडर्स हैं। जो नोएडा की सड़को पर छोटे -मोटे धंधे कर अपनी आजीविका चलाते हैं। लेकिन नोएडा पुलिस ने प्राधिकरण के साथ मिल कर जो अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया है उसका अहम निशाना स्ट्रीट वेंडर्स ही बन रहे हैं।

इनका कहना है कि पुलिस अतिक्रमण के नाम पर सिर्फ हमारे दुकान नहीं तोड़-फोड़ रहे हैं बल्कि हमारे साथ मारपीट करते हैं। नोएडा प्राधिकरण और पुलिस वाले पहले मोटी रकम लेकर रेहड़ी पटरी पर दुकान लगवाते हैं अब अतिक्रमण हटाने के नाम पर उनपर बुलडोजर चलाया जा रहा है। नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना कि इस समस्‍या के बारे दो सदस्यीय कमेटी बनाई गई और दिल्‍ली की तर्ज पर नोएडा में फेरी ,चाय, पानवालों को कियोस्‍क और लाईसेंस दिया जाएगा।

सीएम योगी के अरमानों पर पानी फेर रहा है यह ‘घोटालों का खेल’

ग्रेटर नोएडा.  प्रदेश में इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के यूपी के सीएम के अरमान पर इंडस्ट्रियल अथॉरिटी ही पानी फेर रही है। शहर में सैकड़ों इंडस्ट्रियल प्लॉट्स के कंप्लीशन में सुविधा शुल्क लेकर अथॉरिटी अफसर को कंप्लीशन सर्टिफिकेट दे रहे हैं। खबरों की मानें तो प्लॉट कं कंसेलनेशन से बचने के लिए अलॉटी प्लानिंग डिपार्टमेंट के अफसरों के साथ मिलकर रिश्वत का खेल शुरू कर दिया है।

लंबे समय से इंडस्ट्रियल प्लॉट्स लेकर उस पर उद्योग न लगाने वालों के लिए कंप्लीशन सर्टिफिकेट लेने का अंतिम मौका 31 मार्च तक दिया गया था। समयसीमा समाप्त हो जाने और यूपी में योगी सरकार आने के बाद अब अधूरे निर्माण पर कंप्लीशन सर्टिफिकेट लिया जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि इसके लिए प्लानिंग डिपार्टमेंट ने प्रति एकड़ 5 लाख रुपये का चार्ज तय किया है। ऐसे अलॉटियों को यह भी ‘सुविधा’ दी जा रही है कि बिल्डिंग कंप्लीट होने के बाद फाइल में लगे फोटो वे बदल सकते हैं। सीनियर अधिकारी मामला संज्ञान में न होने की बात कह रहे हैं। ऐसे कई प्लॉट सेक्टर-12 और ईकोटेक एक्सटेंशन में हैं।

सरकार बदलते ही अथॉरिटी जागी नींद से: सालों पहले अथॉरिटी की तरफ से इंडस्ट्रियल प्लॉट का अलॉटमेंट किया गया था। लेकिन उस समय से अथॉरिटी अफसर भी नींद में सोए हुए थे। सरकार बदलते ही अथॉरिटी अफसर नींद से जागे तो अलॉटी भी जुगाड़ में लग गए। दरअसल में कई अलॉटियों ने अभी तक बिल्डिंग का कार्य शुरू नहीं कराया है, लेकिन अथॉरिटी अफसरों की मेहरबानी के चलते उन्हें कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया हैं।

यहां पढ़ाई से नहीं पैसों से मिलती हैं डिग्रियां

ग्रेटर नोएडा।  अशिक्षित लोगों को मिनटों में पोस्ट ग्रेजुएट कराने वाले जालसाज को पुलिस ने अरेस्ट किया है। मौके से पुलिस ने फर्जी मार्कशीट, आधार कार्ड और कंप्यूटर बरामद किए है। पकड़ा गया आरोपी मिनटों में बीटेक और एमबीबीएस तक की भी फर्जी डिग्री तैयार कर देता था। पुलिस की मानें तो यह अभी तक हजारों फर्जी डिग्रिया लोगों को बनाकर बेच चुका है।

‘मुलायम को आज के जमाने के बीजेपी की समझ नहीं’

नई दिल्ली/नोएडा।  बीजेपी के खिलाफ अगले चुनाव में एक महागठबंधन बनाने का समर्थन करते हुए जदयू ने कहा है कि सपा नेता मुलायम सिंह पुराने जमाने में जी रहे हैं. उन्हें आज के जमाने की भाजपा की समझ नहीं है. जेडीयू नेता केसी त्यागी ने कहा कि मुलायम सिंह यादव पुराने जमाने में जी रहे हैं. वे आज की भारतीय जनता पार्टी के बारे में नहीं जान रहे हैं. यह पुरानी भाजपा नहीं है. ये 2017 की भाजपा है. जेडीयू नेता केसी त्यागी ने बिहार की तर्ज पर एक महागठबंधन बनाकर बीजेपी का मुकाबला करने की बात करते हुए कहा कि इसके बिना आज की भाजपा का मुकाबला करना सम्भव नहीं है.

क्यों शुरू हुई चर्चा: यह चर्चा तब शुरू हुई जब बहुजन समाज पार्टी की नेता मायावती ने सबको हैरत में डालते हुए यह कहा कि वे किसी से भी गठबंधन करने को तैयार हैं. उनके इस बयान पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए सपा नेता अखिलेश यादव ने कहा था कि वे भी किसी भी दल का समर्थन देने के लिए तैयार हैं. लेकिन बेटे अखिलेश से नाराज चल रहे मुलायम सिंह ने अखिलेश के खिलाफ बयान दिया कि उन्हें बसपा से गठबंधन करने की जरूरत नहीं हैं. मुलायम सिंह ने कहा कि वे अकेले ही भाजपा को हराने का दम रखते हैं.

जीत के लिए फार्मूला: महागठबंधन गैर भाजपाई दलों के लिए जीत का अभेद्य फार्मूला बनकर उभरा है. बिहार में भाजपा के खिलाफ लालू प्रसाद की आरजेडी और नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू साथ आ गए थे. दोनों दिग्गज नेताओं के साथ आ जाने से भाजपा पिछड़ गयी और उसे हार का सामना करना पड़ा. अब आने वाले लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा को हराने के लिए देश के सभी विपक्षी दल एक मंच पर आने की बात करने लगे हैं. कई दलों ने कांग्रेस के नेतृत्व में देश का अगला आम चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है. अगर सभी विपक्षी दल साथ आकर चुनाव लड़ने के एक फॉर्मूले पर तैयार हो जाते हैं तो भाजपा के लिए मुश्किल होनी तय है.

आखिर इन किसानों पर कब रहमत बरसाएंगे पीएम मोदी

नई दिल्ली/नोएडा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव में किसानों को उनकी उपज का डेढ़ गुना कीमत देने का वायदा किया. यूपी चुनाव में भी उन्होंने किसानों की कर्जमाफी का वायदा किया. उनके वायदे के मुताबिक़ यूपी सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में ही किसानों से किया वायदा निभाया और सभी सीमांत किसानों का एक लाख रूपये तक का कर्ज माफ़ करने का निर्णय लिया. किसानों की खराब हो रही फसल को खरीदने की पूरी कोशिश हो रही है. आलू की खराब हो रही उपज को भी सरकार ने खरीदने का प्लान बना लिया है और कुछ जगहों पर इसकी खरीद शुरू भी हो गयी है. गेहूं की खरीद पर लिमिट खत्म कर सरकार ने यह कह दिया है कि किसान जितना भी चाहें गेहूं बेचें, सरकार उन्हें खरीदने को तैयार है.

जाहिर है कि इन फैसलों के कारण इसे भाजपा सरकारों की तरफ से किसानों के बारे में लिए गए सबसे बड़ा निर्णय बताया जा रहा है. भाजपा इसका डंका भी पीट रही है. जाहिर है कि वह इसका फायदा गुजरात और राजस्थान जैसे राज्यों में भी उठाना चाहेगी. वह बांटेगी कि किस तरह उसने किसानों का वायदा निभाया. इसका सकारात्मक असर किसानों पर पड़ना तय माना जा सकता है. लेकिन इसी बीच सवाल यह है कि देश की राजधानी दिल्ली में तमिलनाडु के किसान पिछले एक महीने से ज्यादा समय से धरना दे रहे हैं, प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन अभी तक केंद्र सरकार की तरफ से कोई भी उनकी सुध लेने कोई नहीं पहुंचा है. तो क्या यह सच है कि सरकार को केवल उन्हीं किसानों का दर्द सुनाई पड़ता है जहां चुनाव होने वाले होते हैं. अगर कहीं चुनाव नहीं होने वाले होंगे तो क्या वहां के किसानों का दर्द कोई नहीं सुनने वाला. कम से कम सरकार के कामकाज का तरीका तो यही बता रहा है.

उत्तर प्रदेश के भदोही से सांसद और भाजपा के किसान मोर्चा के अध्यक्ष बीरेंद्र सिंह मस्त से जब इस संदर्भ में बात की गयी तो उन्होंने बताया कि सरकार देश के किसानों की स्थिति को सुधारने के लिए संकल्पबद्ध है. उन्होंने गिनाया कि किस तरह सरकार ने कृषि बीमा योजना, नीम कोटेड यूरिया योजना, प्रधानमंत्री सिंचाई योजना, किसान क्रेडिट कार्ड योजना और खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का काम किया है. इससे सरकार आने वाले समय में किसानों की आय बढ़ाकर दोगुना तक करने का काम कर रही है.

लेकिन तमिलनाडु के किसानों का कोई दर्द सुनने के लिए क्यों नहीं जा रहा है. कांग्रेस नेता मीम अफजल ने कहा कि सरकार को केवल उन्हीं राज्यों के किसानों की याद आ रही है जहां वोट लेने हैं. जहां चुनाव नहीं हैं उसके बारे में सरकार की उपेक्षा किसानों पर भारी पड़ने वाली है. उन्होंने बताया कि राहुल गांधी ने तमिलनाडु के किसानों के बीच पहुंचकर उनकी बात उठाने की पूरी कोशिश की. लेकिन सिर्फ अपने ही प्रचार में व्यस्त सरकार अभी तक कुछ सुनने को तैयार नहीं है.

मुलायम ने तोड़ी चुप्पी, शिवपाल-अखिलेश के बयानों से उठाया पर्दा!

लखनऊ. गृहकलह से जूझ रही सपा की विधानसभा चुनाव में हुई करारी हार के बाद से पूरे देश की निगाहें शिवपाल यादव के अगले कदम पर टिकी हुईं हैं। चुनावों के बाद से सपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल स्वयं सपा से दूरी बनाकर इस बात का संकेत दे चुके हैं कि अब सुलह के सारे रास्ते बंद हो चुके हैं। चुनाव के समय उन्होंने परिणाम के बाद नयी पार्टी बनाने की बात भी कही थी, लेकिन सीएम योगी आदित्यनाथ से भेंट के बाद उनके भाजपाई होने की चर्चा गरम होने लगी। शिवपाल यादव की अमित शाह से मुलाकात की खबरें भी हवा में तैरने लगी, लोकिन इन सभी खबरों पर मुलायम सिंह यादव ने लगाम लगा दिया है। उन्होंने कहा कि शिवपाल के भाजपा में जाने की खबर महज अफवाह है।

भाजपा के प्रचार के लिए मोदी सत्ता का दुरुपयोग कर रहे : लालू

पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद ने रविवार को प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रचार के लिए सत्ता का दुरुपयोग कर रहे हैं। लालू ने भाजपा कार्यकारिणी की बैठक में शामिल होने गए मोदी द्वारा ओडिशा में रोड शो करने के संबंध में यह टिप्पणी की। उन्होंने यहां मीडिया से कहा, अपनी पार्टी भाजपा के अभियान और प्रचार के लिए प्रधानमंत्री के रूप में मोदी अपनी शक्तियों का दुरुपयोग कर रहे हैं।

लालू ने कहा कि सरकारी कोष के जरिए मिली सुविधाओं का दुरुपयोग करना गलत है। राजद अध्यक्ष ने कहा कि मोदी अपनी पार्टी का प्रचार करने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग करके प्रचार करने की उन्हें आजादी नहीं है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि मोदी की अगुवाई वाली भाजपा का मुकाबला विपक्षी पार्टियां एकजुट होकर ही कर सकती हैं। उन्होंने कहा, भाजपा का मुकाबला करने के लिए यह जरूरी है, अगर हम एकजुट होंगे तो भाजपा कहीं नहीं होगी।

हमने आरएसएस को फुलपैंट पहनवा ही दिया : लालू

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री लालू प्रसाद ने मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं को फुलपैंट (पतलून) पहनने की शुरुआत करने पर कहा, हमने फुलपैंट पहनवा ही दिया। पूर्व केंद्रीय मंत्री लालू ने ट्वीट कर लिखा, हमने आरएसएस को फुलपैंट पहनवा ही दिया। राबड़ी देवी ने सही कहा था, इन्हें संस्कृति का ज्ञान नहीं, शर्म नहीं आती, बूढ़े-बूढ़े लोग भी हाफपैंट में घूमते हैं।

लालू एक अन्य ट्वीट में आरएसएस को चेतावनी भरे लहजे में कहा, अभी तो हमने हाफ को फुल पैंट करवाया है। इनके माइंड को भी फुल करवाएंगे। पैंट ही नहीं, सोच भी बदलवाएंगे, हथियार भी डलवाएंगे। जहर नहीं फैलाने देंगे। नागपुर में मंगलवार को आरएसएस की 90वीं रैली में संघ के वरिष्ठ नेता पहली बार खाकी हाफ पैंट की बजाय गहरे भूरे रंग की पूरी पतलून में दिखाई दिए।

राष्ट्रीय कार्यकारिणी में बोले पीएम-मुस्लिमों के लिए भी सम्मेलन करे भाजपा

भुवनेश्वर.  उड़ीसा के भुवनेश्वर में चल रही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के समापन भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुस्लिमों और पिछड़े समाज की वकालत की। पीएम ने कहा कि पार्टी की ओर से मुस्लिमों और पिछड़ों के लिए भी सम्मेलन का आयोजन किया जाना चाहिए।

कार्यकारिणी बैठक की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि कार्यकारिणी में पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने के साथ कई राजनीतिक प्रस्तावों को पारित किया गया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विपक्ष ने कालेधन के खिलाफ लड़ाई और नोटबंदी में सरकार का सहयोग नहीं किया, लेकिन लोगों ने इसका भरपूर समर्थन किया। मोदी सरकार ने 25 वर्षों से लंबित पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने की मांग को पूरा कर बहुत ही बड़ा काम किया है।

गरीबों की सरकार है केंद्र सरकार: केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस की नीतियों से तंग आकर 2014 में जनता ने विकास के लिए भाजपा को वोट दिया। केंद्र की भाजपा सरकार ने गरीबों के लिए कार्य कर जनता के विश्वास को कायम रखा है। उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार गरीब और किसानों के हित में कार्य कर रही है। भाजपा की अगली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक विशाखापट्टनम में 15 और 16 जुलाई को होगी।

कांग्रेस ने हमेशा पिछड़ों की तरक्की रोकी: पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिए जाने के लिए पेश विधेयक को संसद से पारित होने से रोकने की भत्र्सना करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से पिछड़े वर्ग को कमजोर बनाए रखना चाहती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की नीति रही है कि पिछड़ा वर्ग, मुसलमान, गरीब की बात एवं राजनीति करते रहो, पर उन्हें दो कुछ नहीं। मोदी सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग को अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग आयोग की भांति संवैधानिक दर्जा देने का प्रयास किया है। यह एक ऐतिहासिक फैसला है।

प्रधानमंत्री का दो दिवसीय गुजरात दौरा आज से शुरु, पाटीदारों को साधने पर रहेगा जोर

अहमदाबाद: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज से दो दिवसीय गुजरात दौरे पर रहेंगे। वे आज शाम को सूरत पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी पहली बार सूरत जा रहे हैं।

मोदी का प्लेन रविवार शाम छह बजकर पैंतालीस मिनट पर सूरत एयरपोर्ट पर लैंड करेगा। इसके बाद, वह एयरपोर्ट से सर्किट हाउस तक 11 किमी लंबे रास्ते पर रोड शो करेंगे।सर्किट हाउस पर मोदी सूरत और आसपास के बीजेपी नेताओं, विधायकों और पदाधिकारियों से मुलाकात करेंगे। सोमवार को वह 400 करोड़ रुपये के लागत से बने मल्टी सुपर स्पेशिऐलिटी हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर का उद्घाटन करेंगे।

इस अस्पताल का निर्माण समस्त पाटीदार आरोग्य ट्रस्ट की ओर से कराया गया है। इसके निर्माण के लिए उद्योगपतियों, कारोबारियों, हीरा व्यापारियों और प्रफेशनल्स ने चंदा दिया है। इसके बाद, मोदी एक डायमंड पॉलिशिंग यूनिट, पशु चारा प्लांट, आइसक्रीम प्लांट का उद्घाटन करेंगे।

बाद में मोदी केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली भी जाएंगे, जहां वह एक जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके अलावा, वह कुछ नए प्रॉजेक्ट्स का उद्घाटन भी करेंगे।

गुजरात में अक्टूबर-नवम्बर में होने वाले होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए यह दौरा अहम माना जा रहा है। जानकारी के मुताबिक डायमंड सिटी कहे जाने वाले सूरत में पाटीदार समुदाय का अच्छा-खासा प्रभाव है।

2012 विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने सूरत जिले की सात में से छह सीटें जीती थीं। साउथ गुजरात की 35 सीटों में से बीजेपी ने 28, कांग्रेस-एनसीपी ने 6 जबकि एक सीट निर्दलीय कैंडिडेट को मिली थी।हालांकि, हीरे के कारोबार से जुड़े पाटीदारों की नाराजगी की वजह से बीजेपी को यहां अपनी पकड़ बनाए रखना मुश्किल पड़ रहा है।

पाटीदार आंदोलन के दौरान बीजेपी को यहां विरोध का सामना करना पड़ा था। इसका एक उदाहरण सितंबर 2016 का है, जब बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और सूबे के सीएम विजय रूपानी पाटीदार विधायकों को सम्मानित करने के एक कार्यक्रम के दौरान अपनी स्पीच पूरी नहीं कर पाए।यहां पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (PAAS) के सदस्य बीजेपी समर्थक बनकर कार्यक्रम में घुस आए और बाद में हंगामा किया।

पाटीदारों की नाराजगी दूर करने पर रहेगा फोकस:पाटीदार समुदाय में व्याप्त नाराजगी को दूर करने के लिए बीजेपी ने खास तैयारी की है। बीजेपी की कोशिश सूरत और साउथ गुजरात में पाटीदार समुदाय के बीच पॉजिटिव मेसेज भेजने की है। यहां मोदी के कार्यक्रम में दो ऐसे पड़ाव हैं, जिन्हें पाटीदारों को खुश करने की कवायद माना जा रहा है।

पहला यह कि वह समस्त पाटीदार आरोग्य समिति की ओर से बनवाए गए एक अस्पताल का उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा, वह पाटीदार समुदाय के बीच बेहद प्रभावशाली माने जाने वाले हीरा कारोबारी सावजी ढोलकिया की कंपनी हरिकृष्ण एक्सपोर्ट की एक डायमंड पॉलिशिंग यूनिट का उद्घाटन करेंगे।सावजी वही कारोबारी हैं, जो अपने कर्मचारियों के बीच कार और फ्लैट बोनस के तौर पर बांटकर पूरे देश में चर्चित हो चुके हैं। उनके भाई गोविंद ढोलकिया की कंपनी रामकृषण एक्सपोर्ट है। उनका भी समुदाय में विशेष प्रभाव माना जाता है। मोदी इच्छापुर में हरिकृष्ण एक्सपोर्ट की ही यूनिट का उद्घाटन करेंगे।

सूरत में पाटीदारों की बड़ी तादाद है, जो पारंपरिक तौर पर बीजेपी के ही वोटर माने जाते हैं। हालांकि, पाटीदार आरक्षण आंदोलन और समुदाय के कुछ सदस्यों पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर उनमें नाराजगी है। अस्पताल और डायमंड यूनिट का उद्घाटन करके मोदी अपने विरोधी पाटीदार अनामत आंदोलन समिति के लोगों को यह मेसेज देना चाहते हैं कि भले ही वे बीजेपी के लिए थोड़ी बहुत मुश्किलें पैदा कर लें, लेकिन पाटीदार समुदाय और इसके प्रभावशाली लोग कुल मिलाकर पार्टी के साथ ही खड़े हैं।